Sunday, August 25, 2013

छग सब जुनियर ने जीता स्वर्ण पदक

कु गुलब्शा अली एवं विनोद रजक को मैन आफ दी टुर्नामेंट

पटना। 40वीं सब जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिका एवं बालक टीमों ने स्वर्ण पदक जीत लिया है। बालिका वर्ग से गुलब्शा अली एवं बालक वर्ग से विनोद रजक को मैन आॅफ द टूर्नामेंट का खिताब भी दिया गया। 
40वीं  सब जुनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सब जूनियर बालिका टीम ने फाईनल में तामिलनाड को 79-42 अंकों से पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया। पहले क्वाटर में छग ने 29-10 अंक, दूसरे क्वाटर में 47-18 अंक, तीसरे क्वाटर में 66-30 अंक, चौथे एवं अंतिम क्वाटर में 79-42 अंक बनाकर विजेता होने का गौरव प्राप्त किया। टीम की श्रवन्ति (कप्तान) ने 13 अंक, महीमा ने 10 अंक, गुलब्शा अली ने 26 अंक, मनिशा ने 16 अंक, विमला इक्का ने 02 अंक, अंकु अम्बिलकर ने 02 अंक, एन अश्विनी ने 02 अंक, निकिता सिंह ने 02 अंक, प्रीयंका ने 02 अंक, अंजना मजुमदार ने 02 अंक, अदिति सिंह ने 02 अंक, खुशबू असोढ़िया ने 02 अंक, बनाए।
40वीं सब जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सब जूनियर बालक टीम ने फाईनल में  मध्यप्रदेश को 54-49 अंकों से पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया। टीम के विनोद रजक ने 26 अंक, आकाश प्रताप सिंह ने 13 अंक, सैफ अली ने 04 अंक, सलीम अली ने 04 अंक, सोनू सिंह ने 04 अंक, ऋषभ जायसवाल ने 04 अंक बनाए।
छत्तीसगढ़ सब जूनियर बालिका 13वीं बार एवं बालक 3री बार विजेता होने का गौरव प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ बनने के बाद से बालिका टीम ने 2001 में कपुरथला (पंजाब), 2002 में पाण्डीचेरी, 2003 में गुवाहाटी (आसाम), 2004 में त्रिवेन्द्रम (केरला), 2005 में भिलाई (छ.ग.), 2006 में कोलकाता (प. बंगाल), 2007 में रोहन (पंजाब), 2008 में कपुरथला (पंजाब), 2009 में चित्तौड़गढ़ (राजस्थान), 2010 में कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश), 2011 में लखनऊ (उत्तर प्रदेश), 2012 में गोआ, में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। बालक टीम ने 2003 में गुवाहाटी (आसाम) में स्वर्ण पदक, 2004 में त्रीवेन्द्रम (केरला) में स्वर्ण पदक, 2005 में भिलाई (छ.ग.) में कांस्य पदक, 2006 में कोलकाता (प. बंगाल) में कांस्य पदक, 2007 में रोहन (पंजाब) में रजत पदक, 2010 में कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) में रजत पदक प्राप्त किया। 

Monday, July 15, 2013

बास्केटबाल में छत्तीसगढ़ ने लिखा नया अध्याय

भिलाई। छ.ग. प्रदेश बॉस्केटबाल संघ के चेयरमेन सोनमोनी बोरा (आईएएस), राजीव जैन (अध्यक्ष, प्रदेश बास्केटबाल संघ), नरेश डाकलिया (कार्यकारी अध्यक्ष, प्रदेश बास्केटबाल संघ) तथा राजेश पटेल (महासचिव, प्रदेश बास्केटबाल संघ) ने संयुक्त रूप से बड़े हर्ष के साथ बताया कि हाल ही में ढाका (बंगलादेश) में खेली गई मिडिल एशिया जोन, क्वालीफाइंग यूथ बास्केटबाल स्पर्धा में भारतीय यूथ बालक टीम ने बहुत ही शानदार खेल का प्रदर्शन कर सुपर लीग के तीनों मैच जीतकर, स्पर्धा जीतने का गौरव प्राप्त किया।  सोनमणि बौरा ने बताया कि भारतीय टीम ने मालद्वीप को 98-43, नेपाल को 94-51 तथा मेजबान बंगलादेश को 103-56 अंकों से हराया।  राजीव जैन ने बताया कि इस स्पर्धा के जीतने से  भारतीय यूथ बालक बास्केटबाल टीम ने सितम्बर 2013 में तेहरान  (इरान) में आयोजित एशियन यूथ बास्केटबाल स्पर्धा में भाग लेने की पात्रता हासिल कर ली है।
12 सदस्यीय भारतीय यूथ बालक टीम में छ.ग. से राजनांदगांव जिले का एक मात्र खिलाड़ी मिथुन दास था। और भिलाई इस्पात संयंत्र के  कोकओवन विभाग में वरिष्ठ तकनीशियन एनआईएस बास्केटबाल प्रशिक्षक आरएस गौर को बनाया गया था। छ.ग. बास्केटबाल संघ के महासचिव राजेश पटेल ने बताया कि छ.ग. के  मिथुन दास का भारतीय टीम में पहली बार चयन हुआ था तथा आरएस गौर को भी पहली बार भारतीय टीम का प्रशिक्षक बनाया गया था। यह छग जैसे छोटे से राज्य के लिए बहुत गौरव की बात है।

Saturday, July 13, 2013

छक्के मारकर मैच जिताने में धोनी नम्बर-1

दस से ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले विकेटकीपरों में सबसे आगे

पहले चैंपियंस ट्राफी फिर त्रिकोणीय श्रृंखला में अपनी भारत को जीत दिलाने वाले कप्तान धोनी के बार में बहुत कुछ जग जाहिर हैं लेकिन उनके 7 ऐसे राज हैं, जिनके बारे में लोग शायद ही जानते हों।

  • फाइनल मुकाबले के अंतिम क्षणों में श्रीलंका के खिलाफ आखिरी ओवर में धोनी ने जिस बल्ले का इस्तेमाल किया, वह दो किलो का था, जबकि सचिन तेंदुलकर जो भारी बल्ले से खेलने के लिए जाने जाते हैं, आम तौर पर डेढ़ किलो के बल्ले से खेलते हैं।
  • छक्का मारकर मैच जिताने के मामले में वह सबसे आगे हैं। वह यह कारनामा आठ बार कर चुके हैं। वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने पांच बार ऐसा किया है।
  • केवल नौ विकेटकीपर बल्लेबाजों ने दस या इससे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी की है। धोनी इनमें सबसे ऊपर हैं।
  • धोनी के पास कभी सिर्फ एक साइकिल हुआ करता थी। तब खड़गपुर में वह अपने रूम मेट रॉबिन कुमार की बजाज पल्सर चलाया करते थे। आज उनके पास 14 बाइक हैं, जिनमें 28 लाख की एक्स-132 हेलकैट भी शामिल है।
  • धोनी के बाल शुरू से सीधे नहीं थे। अपने घुंघराले बालों को धोनी ने रांची के सैलून में सीधा कराया। पहली बार उन्होंने अपने बाल भी यहीं कलर कराए।
  • खड़गपुर में उनके दोस्त पार्टी में शराब पी लिया करते थे, पर धोनी इस ओर कभी आकर्षित नहीं हुए। उन्हें चॉकलेट पसंद थी।
  • दूध उन्हें इतना प्रिय नहीं था, जितना कि लोग समझते हैं. उनके दोस्तों को लस्सी बहुत पसंद थी, पर धोनी लस्सी नहीं पीते थे, इसलिए दोस्तों का साथ देने के लिए वह दूध पीने लगे।


Thursday, April 25, 2013

Saina Nehwal's jinx


NEW DELHI: Saina Nehwal's jinx at the India Open Super Series badminton continued as she was knocked out of the tournament losing to Japan's Yui Hashimoto 21-13, 12-21, 20-22 in the second round in controversial fashion on Thursday.

This was the third time in a row that the World No.2 has failed to reach the quarterfinals. Apart from the Saina setback, India had a fruitful day at the Siri Fort Sports Complex with seven Indians, including five men, booking berths in the quarterfinals in singles events. No Indian pair could advance in any of the doubles events.